भारत के समर्थन में खुलकर सामने आया जापान, कहा-चीन की नीयत से वाकिफ हैं हम

नई दिल्ली में भारत के विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला से मुलाकात के बाद जापानी राजदूत सतोशी सुजुकी ने किया ट्वीट-एलएसी पर किसी भी तरह के एकतरफा परिवर्तन का विरोध करेगा उनका देश

senani.in

डिजिटल डेस्क

पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत से झगड़ा कर चीन ने चौतरफा अपनी परेशानी बढ़ा ली है। अमेरिका, ब्रिटेन समेत सभी पश्चिमी देश चीन के खिलाफ भारत के समर्थन में खड़े हैं

harsh vardhan shringla, photo credit-social media

अब चीन का पड़ोसी राष्ट्र जापान भी खुलकर भारत के समर्थन में आ गया है। जापान के राजदूत ने ट्वीट कर कहा है कि एलएसी पर किसी भी तरह के एकतरफा परिवर्तन का उनका देश विरोध करेगा।

जापान के इस बयान को चीन को घेरने और अपने पक्ष में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की दिशा में भारत की बड़ी राजनयिक कामयाबी माना जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में अलग-थलग पड़ा चीन

जापान ही नहीं, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ताइवान और आस्ट्रेलिया के अलावा अन्य कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देश भी चीन का विरोध करते हुए भारत के समर्थन में उतर आए हैं। गलवान में भारत के खिलाफ मोर्चा खोलकर चीन बिल्कुल अलग-थलग पड़ गया है।

अपने पुराने मित्र रूस से भी चीन ने लिया पंगा, उसके शहर पर जताया अपना दावा

चीन ने आदत के अनुरूप पड़ोसी देश रूस के शहर व्लादिवोस्तक पर अपना दावा जताकर कम्युनिस्ट मित्र देश को भी नाराज कर लिया है। वैसे भी रूस भारत का पुराना मित्र है और वह भारत को सबसे ज्यादा शस्त्र आपूर्ति करने वाला देश है। अभी हाल में रूस से भारतीय वायुसेना के लिए 33 लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा हुआ है।

भारत अपने दम पर चीन को जवाब देने में सक्षम

हालांकि, भारत एलएसी पर चीन को अपने दम पर करार जवाब दे रहा है। भारत ने एलएसी पर चीन से विवाद चरम पर पहुंचने के बावजूद न तो किसी देश से मदद मांगी है और न ही किसी वैश्विक मंच पर मदद का आग्रह किया है।

यथास्थिति को बदलने का प्रयास न करे चीन

जापान ने भारत का समर्थन करते हुए वक्तव्य दिया है कि भारतीय जमीन पर कब्जा करने की फिराक में लगे चीन की नीयत से जापान अपरिचित नहीं है। चीन की इस नीयत के खिलाफ जापान ने भारत के साथ खड़े होकर कहा है कि वह यथास्थिति को बदलने वाले किसी भी देश के एकतरफा प्रयास का विरोध करता है।

शांतिपूर्ण निकले समाधान

जापान ने भारत के शांति-प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई है कि इस समस्या का शांतिपूर्ण समाधान निकल आएगा। भारत में जापान के राजदूत सतोशी सुजुकी ने जापान की ओर से आश्वासन दिया कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा, जहां पर 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों का आमना-सामना हुआ था, वहां यथास्थिति बदलने के किसी भी एकतरफा प्रयास का वह विरोध करेगा।

जापानी राजदूत ने भारतीय विदेश सचिव से की मुलाकात

नई दिल्ली में शनिवार को विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला से जापानी राजदूत सतोशी सुजुकी ने मुलाकात की। इसके बाद सातोशी ने कहा कि जापान इस विवाद का वार्ता के जरिये शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद करता है।

ट्वीट में जापानी राजदूत ने और क्या कहा

मुलाकात के बाद जापानी राजदूत ने ट्वीट कर कहा-विदेश सचिव श्रृंगला के साथ अच्छी बातचीत हुई। मामले के शांतिपूर्ण समाधान की भारत सरकार की नीति सहित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति से उनके द्वारा अवगत कराए जाने की भी सराहना करता हूं। जापान भी वार्ता के जरिये शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद करता है। जापान यथास्थिति बदलने की किसी भी एकतरफा कोशिश के खिलाफ है।

सात हफ्तों से कायम है गतिरोध

बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में एलएसी पर चीन की हरकतों के कारण पिछले सात हफ्तों से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध कायम है। दोनों ओर से बड़ी संख्या में एलएसी पर सैनिक तैनात किए गए हैं।

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