चीन की चालबाजी अब नहीं चलेगी

senani.in

भारतीय व्यापारियों ने चीन से आयात होने वाली तीन हजार ऐसी वस्तुओं की सूची की तैयार, जिनका निर्माण अपने देश में ही है संभव

डिजिटल डेस्क

टिकटॉक समेत 59 चीनी एप पर भारत सरकार ने रोक लगा दी है। अब चीन से निर्यात होने वाली ऐसी तीन हजार वस्तुओं की सूची तैयार की गई है, जिनका निर्माण भारत में किया जा सकता है या जिनका विकल्प यहां मौजूद है।

पूर्वी लद्दाख में चल रहे टकराव के बीच चीन ने भारतीय समान के निर्यात में बाधा डालनी शुरू कर दी है। इसके लिए उसका बहाना है कि भारतीय बंदरगाहों पर उसके सामान को रोका जा रहा है।

चीन से आयात होने वाली इन वस्तुओं का विकल्प भारत में है मौजूद

चीन की चालबाजियों के जवाब में कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) से जुड़े व्यापारियों ने करीब 3,000 ऐसी वस्तुओं की सूची बनाई है, जिनका बड़ा हिस्सा चीन से आयात किया जाता है, लेकिन उनका विकल्प भारत में मौजूद है। इन वस्तुओं में मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, एफएमसीजी उत्पाद, खिलौने, गिफ्ट आइटम, कन्फेक्शनरी उत्पाद, कपड़े, घड़ियां और कई तरह के प्लास्टिक उत्पाद शामिल हैं।

आरोप-प्रत्यारोप

उधर, कुछ भारतीय निर्यातकों ने शिकायत दर्ज कराई है कि हांगकांग और चीन के सीमा शुल्क विभाग उनके सामान की खेप रोक रहे हैं। निर्यातकों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) का इस बारे में कहना है कि चेन्नई बंदरगाह पर भारतीय अधिकारियों ने भी इसी तरह की कार्रवाई की है। इसकी प्रतिक्रिया में हांगकांग और चीन के सीमा शुल्क विभाग भारतीय सामानों को रोक रहे हैं।

फियो ने सरकार को लिखा पत्र

फियो के अध्यक्ष एसके सर्राफ ने इस संबंध में वाणिज्य सचिव अनूप वाधवान को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि सीमा शुल्क विभाग चीन से आयातित सभी सामानों की खेप की अधिकारियों से एक-एक करके जांच करा रहा है। इससे खेप को मंजूरी मिलने में देरी हो रही है और आयात की लागत बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कुछ निर्यातकों ने सूचित किया है कि इसके जवाब में हांगकांग और चीन के सीमा शुल्क विभागों ने भी भारत से निर्यात किये गए सामान की खेप को रोक लिया है। सर्राफ ने वाणिज्य मंत्रालय से इस मामले को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के समक्ष उठाकर यह पता लगाने का अनुरोध किया है कि क्या भारतीय अधिकारियों को चीन के सामान की जांच के बारे में ऐसा कोई निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा आदेश नहीं दिया गया है तो सीबीआईसी इसका खंडन कर सकता है, ताकि चीन और हांगकांग में हमारे आयातकों तक यह संदेश पहुंचाया जा सके, जिससे वे अपने सीमा शुल्क विभाग से इस पर स्पष्टीकरण मांग सकें। खबरों के मुताबिक चेन्नई बंदरगाह पर सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा चीन से आयातित खेप की ज्यादा गहन जांच की जा रही है।

चीन से आयात बिल एक लाख करोड़ घटाने का लक्ष्य

भारतीय व्यापारियों ने चीन से आयातित माल का बहिष्कार करने का एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इसके तहत देश के करोड़ों खुदरा और थोक व्यापारियों ने प्लान दिसम्बर 2021 के तहत चीन से आयातित माल का बहिष्कार करने का अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के माध्यम से व्यापारियों की योजना चीन से आयात बिल एक लाख करोड़ रुपये घटाना है।

भारत से व्यापार में चीन को फायदा

वर्ष 2019-20 में भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 81.6 अरब डॉलर का हुआ था, जिसमें से चीन से आने वाला माल यानी आयात करीब 65.26 अरब डॉलर का था। ऐसी स्थिति में चीन से व्यापार में भारत को ही घाटा हो रहा है। चीन भारत से व्यापार कर फायदे में है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s