भारत में बनी कोरोना की दवा, हल्के और कम लक्षण वाले मरीज हो जाएंगे स्वस्थ

ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने पेश की कोरोना की दवा, 14 दिन में 122 गोलियां खाकर स्वस्थ हो जाएंगे मरीज, कुल 12,566 रुपये होंगे खर्च

डिजिटल डेस्क

कोरोना की बीमारी से पिछले छह महीने से जूझ रहे दुनियाभर के लोगों के लिए भारत से राहत भरी खबर है। देश की प्रमुख दवा निर्माता कंपनी ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कोरोना के हल्के और कम लक्षण वाले मरीजों के लिए दवा बनाई है।

शनिवार को कंपनी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि उसने फैबिफ्लू नाम से एंटीवायरल दवा फैबिपिरावीर बाजार में उतारी है।

ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से मिली मंजूरी

1977 में स्थापित मुंबई आधारित इस कंपनी का कहना है कि उसे ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से इस दवा के मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग की अनुमति मिल गई है। दुनियाभर में खाने वाली यह पहली एन्टीवायरल दवा है, जिससे कोरोना मरीजों के इलाज की अनुमति मिली है।

आसानी से उपलब्ध होगी दवा

कंपनी के एमडी ग्लेन सलदान्हा ने कहा कि ऐसे समय में जब भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, इस दवा से निश्चित रूप से दबाव झेल रहे पूरे तंत्र को राहत मिलेगी। कंपनी ने चिकित्सा जगत और सरकार के साथ मिलकर काम करने की बात कही है, ताकि यह हर किसी को आसानी से उपलब्ध हो सके।

14 दिन में खानी होंगी 122 टैबलेट

इस दवा से एक मरीज के इलाज पर कुल 12,566 रुपये खर्च होंगे। इसे हल्के और कम लक्षण वाले मरीजों के लिए कारगर माना गया है। दवा के एक पत्ते में 34 गोलियां होंगी। हर गोली का अधिकतर खुदरा मूल्य 103 रुपये होगा। इस तरह 34 गोलियों के एक पत्ते की कीमत 3502 रुपये होगी। हर गोली दो सौ एमजी की होगी। मरीज को 14 दिन में 122 टैबलेट खानी होंगी।

ऐसे खानी होगी दवा

मरीज को पहले दिन नौ गोलियां डॉक्टर द्वारा बताए गए अलग-अलग समय पर खानी होंगी। दूसरे दिन से चार-चार गोलियां खानी होंगी। कंपनी के अनुसार यह दवा कोरोना पीड़ित उन मरीजों के लिये भी फायदेमंद होगी, जो डायबिटीज और हार्ट की बीमारी से जूझ रहे हैं।

जारी रहेगा परीक्षण

सूत्रों के अनुसार इस दवा का परीक्षण अभी जारी रहेगा, ताकि इसे और कारगर बनाया जा सके।

अगले महीने आ सकती है जापानी टैबलेट

जापान की एक कंपनी भी इसी तरह की दवा पर काम कर रही है। उसका काम अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि इस कंपनी की दवा जुलाई तक आ जाएगी।

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