सूर्यग्रहण : कोरोना से राहत के आसार तो राजनीति में आएगी और गिरावट

लोगों को मार्च 2021 तक आचार-विचार में संयम की सलाह दे रहे प्रसिद्ध ज्योतिषी आचार्य डॉ. सुधानंद झा

डिजिटल डेस्क

senani.in

21 जून को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस सूर्य ग्रहण का समय मिथिला पंचांग के अनुसार सुबह 10.19 बजे से दोपहर 2.05 बजे तक रहेगा। काशी विश्वनाथ ऋषिकेष पंचांग के अनुसार सुबह 10.31 बजे से दोपहर 2.05 बजे तक सूर्यग्रहण रहेगा।

पूरे देश में दिखाई देगा यह ग्रहण

जमशेदपुर निवासी प्रसिद्ध ज्योतिषी आचार्य सुधानंद झा के अनुसार यह सूर्य ग्रहण पूरे भारत के साथ ही आसपास के देशों में भी दिखाई देगा। इसके अलावा अफ्रीका के उत्तर पूर्वी भागों में, दक्षिण पूर्व यूरोप, रूस के उत्तर पूर्वी भागों को छोड़कर पूरे एशिया महाद्वीप, मध्य पूर्व देशों, इंडोनेशिया और माइक्रोनेशिया में भी यह सूर्यग्रहण दिखाई देगा।

जानिए किस राशि पर क्या पड़ेगा असर

मेष, सिंह, कन्या और मकर राशि वालों को यह सूर्यग्रहण लाभान्वित करेगा, जबकि अन्य राशियों पर इसका प्रभाव अच्छा नहीं पड़ेगा।

ग्रहण न देखकर बच सकते हैं इसके दुष्प्रभाव से

आचार्य सुधानंद झा के अनुसार किसी भी ग्रहण का अशुभ प्रभाव उसको देखने के बाद ही होता है। यदि हम ग्रहण नहीं देखते हैं तो उसका प्रभाव बिल्कुल नहीं पड़ता है। इसलिए किसी भी ग्रहण को नहीं देखना चाहिए। विशेषकर नंगी आंखों से। विज्ञान भी नंगी
आंखों से ग्रहण देखने से मना करता है।

कोरोना पर विजय की शुरुआत

आचार्य के अनुसार आषाढ़ महीने में इक्कीस जून को लगने वाले इस सूर्य ग्रहण का कोरोना के लिए शुभ प्रभाव देखने को मिलेगा। पूरे विश्व को कोरोना की समस्या से मुक्ति मिलने लगेगी। कोरोना योद्धाओं की जीत होती जाएगी और कोरोना वायरस समाप्त होने लगेगा।

राजनीति में नकारात्मक लोगों की बढ़ेगी सक्रियता

इस सूर्यग्रहण के प्रभाव से राजनीति बहुत ही निम्न स्तर पर होगी। अधिकतर विपक्षी दलों की राजनीति अपने-अपने देश और समाज की एकता-अखंडता के लिए नकारात्मक होगी।

ग्रह मचाएंगे उथल-पुथल

पूरे विश्व में नब्बे प्रतिशत विरोधियों की राजनीति नवंबर 2020 तक निम्न स्तर पर होगी। कारण, उस दिन 21 जून को सूर्य ग्रहण के समय बुध, शुक्र, शनि और वृहस्पति ये चारों ग्रह वक्री अवस्था में रहेंगे। वृहस्पति अपनी नीच राशि में रहेंगे। शनि अपनी ही राशि मकर में वृहस्पति के साथ रहेंगे। देश की सांप्रदायिक एकता और सामाजिक सौहार्द को हर प्रकार से बर्बाद करने की नकारात्मक गतिविधियां होंगी। अधिकांश विरोधी पार्टियों, देश विरोधी धर्मगुरुओं की और अगले चुनाव में अपनी रोटी सेंकने वाले नेताओं की सक्रियता बढ़ेगी।

संयमित और संतुलित रहें

आचार्य कहते हैं कि 21 मार्च 2021 तक विश्व के हर मनुष्य को अपने आहार-विहार खान-पान और रहन-सहन को सुव्यवस्थित तथा संतुलित रखना पड़ेगा। कारण, जो वर्तमान संकट है, इसका प्रभाव मार्च दो हजार इक्कीस तक रहेगा ही।

Leave a Reply