टैक्स ज्ञान : जानिए क्या है इनकम टैक्स

अजय कुमार गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर, आस वेल्थ मैनेजमेंट

आप हर नौकरीपेशा व्यक्ति से सुनते होंगे कि सरकार को इनकम टैक्स यानी आयकर का स्लैब कम करना चाहिए। केंद्र सरकार भी हर साल अपने बजट में इनकम टैक्स का जिक्र जरूर करती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं, देश का हर व्यक्ति टैक्स चुकाता है। चाहे वह नौकरीपेशा हो या मेहनत-मजदूरी कर पेट पालने वाले आम आदमी। बस टैक्स अदा करने का तरीका अलग होता है। आइए जानते हैं क्या है टैक्स।

अर्थव्यवस्था की रीढ़ है इनकम टैक्स

भारत तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था वाला देश है। देश के तेजी से विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन तथा जरूरतमंदों को सब्सिडी देने के लिए केंद्र और राज्यों को पैसों की जरूरत पड़ती है। ये पैसा सरकार को इनकम टैक्स से ही मिलता है। यही कारण है कि सरकार देश के प्रति व्यक्ति की आय लगातार बढ़ाने पर जोर देती है। लोगों की आय जितनी बढ़ेगी, सरकार को इनकम टैक्स उतना ही ज्यादा मिलेगा। जितना ज्यादा टैक्स सरकार को मिलेगा, वह उतनी तेजी से कल्याणकारी योजनाओं को लागू करेगी।

इनकम टैक्स के दो प्रकार

इनकम टैक्स दो प्रकार का होता है। एक डायरेक्ट टैक्स यानी प्रत्यक्ष कर, जिसको अंग्रेजी में earned इनकम कहते हैं। दूसरा होता है इनडाइरेक्ट टैक्स। इसे, सरकारी भाषा में अप्रत्यक्ष कर कहते हैं। इसे अंग्रेजी में enearned इनकम भी कहते हैं।

डायरेक्ट टैक्स

डायरेक्ट टैक्स। इसे इनकम टैक्स भी कहते हैं। यह नौकरीपेशा के वेतन से सीधे कटता है और डायरेक्ट केंद्र सरकार के एकाउंट में जाता है। यह आपकी सेलरी के अलावा बैंक ब्याज और विभिन्न किरायों पर भी कटता है।

इनडाइरेक्ट टैक्स

इनडाइरेक्ट टैक्स या अप्रत्यक्ष कर वो कर है, जो दिखता नहीं है, लेकिन हर व्यक्ति को देना पड़ता है। जीएसटी, सेल्स टैक्स, वैट और एक्साइज टैक्स इसी श्रेणी में आता है। आप बाजार से जो भी सामान खरीदते हैं, उसमें टैक्स की एक निश्चित राशि समाहित होती है। भारत की आबादी 130 करोड़ है। इसलिए दुनिया की सभी कंपनियां भारत में अपना कारोबार करना चाहती हैं। क्योंकि, यहां सबसे ज्यादा उपभोक्ता हैं।

Leave a Reply