सोने ने पांच साल में दिया 171 प्रतिशत रिटर्न

गोल्ड म्यूच्यूअल फंड ने भी सबको पीछे छोड़ा

फंड और उनसे पांच साल में औसत रिटर्न

-लार्ज कैप, साढ़े चार प्रतिशत
-स्मॉल कैप, सात प्रतिशत
-गोल्ड म्यूच्यूअल फंड, दस प्रतिशत

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली

अजय कुमार गुप्ता, मैनेजिंग डायरेक्टर, आस वेल्थ मैनेजमेंट

भारत के लोगों में सोने के प्रति स्नेह प्राचीन काल से ही चला आ रहा है। पुरुष हो या महिला, दोनों में सोने के प्रति लगाव बराबर रहा है। सोना जहां अच्छे समय में श्रृंगार में काम आता है, वहीं विपत्ति में संबल भी देता है। सोने ने कभी किसी को निराश नहीं किया है। इसका कारण ये है कि इसकी कीमतों में बहुत ज्यादा गिरावट कभी नहीं आई। पिछले पांच साल में अर्थव्यवस्था सीमित दायरे में ऊपर-नीचे होती रही। लोग निवेश को लेकर भ्रम में रहे कि पैसा बैंक में जमा करें, प्रॉपर्टी में लगाएं या कंपनियों का शेयर खरीदें, जिससे ज्यादा से ज्यादा रिटर्न मिले, लेकिन सबसे ज्यादा फायदे में वो रहे, जिन्होंने सोने में निवेश किया।

छोटे निवेशक ऐसे करें सोने में निवेश

आस वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं पोर्टफोलियो मामलों के विशेषज्ञ अजय गुप्ता का कहना है कि आप अगर सोने में निवेश करना चाहते हैं और दस-बीस ग्राम सोना खरीदने में सक्षम नहीं हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। आप म्यूच्यूअल फंड के जरिए हर महीने पांच सौ रुपये की मामूली रकम से भी सोने में निवेश कर सकते है। सभी बड़ी म्यूच्यूअल फंड कंपनियों के पास एसआइपी यानी सिप (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए सोने में निवेश के लिए स्कीम है। आप इनमें हर महीने पांच सौ रुपये या इससे ज्यादा निवेश करें। बीच-बीच में अगर आपके पास कुछ अतिरिक्त रकम आए तो उसे भी इसमें लगा सकते हैं। म्यूच्यूअल फंड की भाषा में इसे टॉपअप कहते हैं।

गोल्ड फंड में पांच साल में दस प्रतिशत रिटर्न

लगभग सभी कंपनियों के गोल्ड म्यूच्यूअल फंड ने पांच साल में औसतन दस प्रतिशत रिटर्न दिया है। यह किसी भी बैंक एफडी या अन्य म्यूच्यूअल फंड से ज्यादा है। जहां तक सोने के भौतिक रूप यानी गहनों या सिक्कों की बात करें तो यह रिटर्न लगभग 171 प्रतिशत से बैठता है।

पांच साल पहले सोने का भाव

जून 2015 में दस ग्राम सोने का भाव 27,195 रुपये था। पांच साल बाद 6 जून 2020 को सोना 46,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। यानी पांच साल पहले जिसने दस ग्राम सोना खरीदा होगा, उसे आज लगभग 19 हजार रुपये का फायदा होगा। प्रतिशत में देखें तो सोने ने पांच साल में 171% रिटर्न दिया है।

गोल्ड फंड में निवेश इसलिए है फायदेमंद

म्यूच्यूअल फंड के गोल्ड फंड में निवेश इसलिए आसान है क्योंकि आपको इसके लिए एकमुश्त मोटी रकम की जरूरत नहीं पड़ती। आप अपने लक्ष्य के अनुरूप पांच साल या दस साल की अवधि के लिए एक निश्चित रकम हर महीने गोल्ड फंड में जमा करते रहें। इसमें सबसे बड़ी सहूलियत ये है कि इसके लिए ईएमआई की तरह हर महीने आपके बैंक एकाउंट से आपके द्वारा तय तिथि को निश्चित रकम कटती रहेगी।

कभी भी और कहीं भी निकाल सकते हैं पैसा

अजय गुप्ता के अनुसार गोल्ड या किसी भी अन्य म्यूच्यूअल फंड की खासियत ये है कि आप किसी भी शहर में हों, अगर आपको पैसों की जरूरत है तो संबंधित कंपनी के ऑफिस में जाकर या ऑनलाइन पैसा निकाल सकते हैं। आप चाहें तो पूरी रकम निकाल सकते हैं या अपनी जरूरत के अनुसार कम भी।

बट्टा नहीं कटता

आप सोने का गहना बेचने के लिए सुनार के यहां पहुंचेंगे तो वह दस प्रतिशत बट्टा कटेगा यानी आज की कीमत से लगभग दस प्रतिशत कम कीमत सुनार देगा, लेकिन गोल्ड फंड में उस दिन की एनएवी के अनुसार आपको पूरी रकम मिलेगी, वो भी बिना किसी काट-छांट के।

निवेश के लिए सही समय

सोने का भाव अभी सर्वोच्च स्तर पर है। ऐसे में आपके मन में ये सवाल होगा कि इसकी कीमतों में गिरावट आ सकती है। ऐसा संभव भी है, लेकिन गिरावट इतनी भी नहीं आएगी कि यह 40 हजार से नीचे आ जाएगा। ऐसे में गोल्ड फंड में निवेश का विकल्प सबसे सही रहेगा। इसमें गिरावट भी कम ही रहेगी।

किसने कितना दिया रिटर्न

पिछले पांच साल से दुनियाभर के उद्योग तमाम मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इसके चलते सेंसेक्स ने भले ही 40 हजार का आंकड़ा छू लिया हो, लेकिन उनसे जुड़े म्यूच्यूअल फंड उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। प्रदर्शन पर नजर डालें तो पांच साल में लार्ज फंड ने औसतन साढ़े चार प्रतिशत, स्मॉल कैप ने सात प्रतिशत और गोल्ड फंड ने दस प्रतिशत का रिटर्न दिया है।